बस लोग हमारी ख़ामोशी को सुन नहीं पाते।
और पागल इतनी है कि फिर से यकीन कर लेते हैं…!
साफ़ दिल वालों को ही भुला दिया जाता है…
दिल तोड़कर… सजदों में आँसू बहा रहे हैं।
कि अब मैं अपने आप से भी ख़फ़ा रहने लगा हूँ…
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
मोहल्ले की मोहब्बत का भी अजीब फसाना है,
ख्वाबों की दुनिया में कभी सुकून न मिले।
कोई आया था… हमें समझने—but वो भी समझकर चला गया।
हमारी ज़िंदगी से किसी ने एक चीज़ चुपके से छीन ली…
न जाने तन्हाई में कितने अश्क बहाते हैं।
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
बोहत मुस्कील से करता हु तेरी यादों का कारोबार,
उन्होंने मुस्कुराकर Sad Shayari in Hindi कहा— “तुम बस दिल बहलाने के काम आते हो।”